अध्याय 8 : बाजार में एक कमीज

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इस अध्याय में हम वस्तु के उत्पादन से लेकर उसकी बिक्री तक का अध्ययन करेंगे और यह जानने का प्रयास करेंगे कि सभी व्यक्तियों को समान लाभ होता है या दूसरे की अपेक्षा कम लाभ

 

कुरनूल में कपास उगाने वाली एक किसान

यहां पर एक छोटी किसान स्वप्ना जो कुरनूल आंध्र प्रदेश की एक छोटी किसान है की घटना बताई गई है यहां पर बताया गया है कि कपास की खेती करने में अधिक निवेश की आवश्यकता पड़ती है जैसे उर्वरक कीटनाशक इत्यादि की जिसके लिए छोटे किसान साहूकारों वह धनी किसानों से कर्जा लेकर इसकी खेती करते हैं तथा उन्हें उनकी लागत के अनुसार लाभ अर्जित नहीं हो पाता

छोटे किसानों के साथ अपना उत्पादन बेचने के लिए स्थानीय बाजार व व्यपारी पर निर्भर रहना पड़ता है

 

 

इरोड का कपड़ा बाजार

तमिलनाडु में सप्ताह में दो बार इरोड का कपड़ा बाजार लगता है जो संसार के विशाल बाजारों में से एक है इस बाजार में आस-पास के गांव में बुनकरों द्वारा बनाया गया कपड़ा भी बेचा जाता है बाजार के पास कपड़ा व्यापारियों के कार्यालय हैं जो इस कपड़े को खरीदते हैं इस बाजार में बुनकर व्यापारियों के आर्डर के अनुसार कपड़ा तैयार करके लाते हैं तथा यहां से कपड़ा देश विदेश में भेजा जाता है

 

 

दादन व्यवस्था

इस व्यवस्था के अंतर्गत व्यापारी बुनकरों के बीच काम बांट देते हैं बुनकर व्यापारी से सूत लेते हैं और तैयार कपड़ा देते है  बुनकरों  और व्यापारियों के बीच इस व्यवस्था को दादन व्यवस्था कहते हैं

 

इस व्यवस्था से बुनकरों को दो प्रकार के लाभ होते हैं

1 . सूत खरीदने के लिए अपना पैसा नहीं लगाना पड़ता
2 . तैयार माल को बेचने की व्यवस्था पहले से रहती है

 

परंतु इस व्यवस्था में बुनकरों को कम लाभ अर्जित होता है क्योंकि वह पूर्ण रूप से व्यापारियों पर निर्भर रहते हैं तथा कम दाम में कार्य को पूरा करते हैं इस पूरी व्यवस्था में व्यापारियों को अधिक लाभ अर्जित होता है

 

 

दिल्ली के निकट वस्त्र निर्यात करने का कारखाना

व्यापारी बुनकरों द्वारा निर्मित कपड़ा इन कारखानों में या फैक्ट्रियों में भेजता है यहां से तैयार माल को अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में निर्यात किया जाता है कारखाने कपड़े को कम दाम पर खरीदते है तथा उस की गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देते है ।

यह अपना लाभ अधिक कमाने के लिए कामगारों को न्यूनतम मजदूरी देते है ।
 

 

संयुक्त राज्य अमेरिका में वह कमीज

वह कमीज जो भारत में तैयार की गई थी उसकी कीमत बहुत अधिक रखी जाती है जिससे लाभ अधिक अर्जित किया जा सके ।

 

बाजार में लाभ कमाने वाले कौन हैं ?

बाजार की एक श्रंखला रुई के उत्पादन करता को सुपरमार्केट के खरीदार से जोड़ देती है इस श्रंखला की हर कड़ी पर खरीदना और बेचना होता है जिसमें बहुत सारे लोग अपना लाभ कमाते हैं
 

 

बाजार और समानता

विदेशी व्यवसाई ने बाजार में अधिक मुनाफा कमाया उसकी तुलना में वस्त्र निर्यातक का लाभ मध्यम स्तर का रहा दूसरी ओर वस्त्र निर्यातक फैक्ट्री के कामगार मुश्किल से अपनी रोजमर्रा की जरूरतों की पूर्ति लायक ही कमा सके परंतु  कपास उत्पादक व बुनकर ने अधिक मेहनत की परंतु उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिला

 

इस प्रकार हम देख सकते हैं कि बाजार में हर व्यक्ति समान रूप से नहीं कमाता

जिनिंग मिल : वह फैक्ट्री जहां रूही के गोलों से 20 अलग किए जाते हैं यहां पर रवि को दबाकर गट्ठर भी बनाए जाते हैं जो धागा बनाने के लिए भेज दिए जाते हैं

 

 

 

अध्याय 9 : समानता के लिए संघर्ष 

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