अध्याय : 10 स्वतंत्रता के बाद

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15 अगस्त 1947 में भारत आज़ाद हुआ तो उसके सामने कई बड़ी चुनौतियाँ थी।

पहली :- एकता और अखंडता की चुनौती थी । क्योंकि भारत में बहुत सारे धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के लोग रहते हैं ।

दूसरी :- लोकतंत्र स्थापित करना और चुनाव करवाना।

तीसरी :- विकास जिससे समूचे समाज का भला हो।

शरणार्थी :- बंटवारे की वजह से 80 लाख शरणार्थी पाकिस्तान से भारत आए। इन लोगों के रहने का इंतजाम करना और उन्हें रोजगार देना।

राजवाड़े :- ब्रिटिश इंडिया के एक हिस्से में देशी रजवाड़े का शासन था। 500 रियासतें राजाओं या नवाबों का शासन चल रहा था।

नए संविधान की रचना :- संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई और 1947 में विभाजन के बाद 299 सदस्य रह गए। 26 नवंबर 1949 में संविधान बनकर तैयार हो गया । 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ।

 

 भारतीय संविधान की खासियत

सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार :- 21 साल से ज्यादा उम्र के सभी भारतीयों को प्रांतीय और राष्ट्रीय चुनावों में वोट देने का अधिकार था।

मौलिक अधिकार :- सभी जातियों , धर्मो या किसी भी तरह की पृष्ठभूमि से संबंध रखने वाले नागरिकों को सम्मान अधिकार दिए गए।

धर्मनिरपेक्षता :- सभी को अपने धार्मिक विश्वासों एवं मान्यताओं को पूरी आज़ादी से मानने की छूट देता है।

मुसलमान , सिख , ईसाई , पारसी , जैन तथा अन्य धर्मों के लोग भी थे।

आरक्षण :- जनजातियों को आरक्षण दिया गया । अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़े वर्ग ।

 शक्तियों का विभाजन :- संविधान सभा के सदस्यों ने केंद्र और राज्य सरकारों की शक्तियों और अधिकारों का विभाजन। संघ सूची , राज्य सूची , समवर्ती सूची ।

 

 मतभेद को दूर करने के लिए संविधान में विभिन्न विषयों को तीन सूचियों में बाँट दिया गया

संघ सूची 97 :- केंद्र सरकार पूरे देश के लिए नीति , नियम , कानून , योजना बनायेगी। रक्षा , मुद्रा , बैंकिंग , विदेशी मामले आदि।

राज्य सूची 66 :- राज्य सरकार :- ज्यादा स्वायत्तता और आजादी मिलनी चाहिए। शिक्षा , स्वास्थ्य ,वाणिज्य , पुलिस आदि ।

समवर्ती सूची 47 :- केंद्र और राज्य सरकारे , दोनों संयुक्त रूप से फैसला ले सकते थे। वन , कृषि , शिक्षा , गोद लेना आदि।

 

राज्यों के पुनर्गठन :- राज्यों की सीमाओं का निर्धारण वहाँ बोली जाने भाषा के आधार पर होनी चाहिए ।

राजभाषा :- हिंदी को “राजभाषा ” का दर्जा दिया। जबकि अदालतों , सेवाओं , विभिन्न राज्य के बीच संचार आदि के लिए अंग्रेजी के इस्तेमाल का फैसला लिया गया।

 

 विकास की योजनाएँ :- भारत और भारतीयों को गरीबी से मुक्त कराने और आधुनिक तकनीकी एवं औद्योगिक आधार निर्मित करना नए भारत का एक बड़ा लक्ष्य था।

योजना आयोग :- 1950 में सरकार आर्थिक विकास के लिए नीतियाँ बनाने और उनको लागू करने के लिए एक ” मिश्रित अर्थव्यवस्था ” लागू की ।

 पहली पंचवर्षीय योजना :- ( 1951-56 )कृषि क्षेत्र पर विशेष ज़ोर दिया गया क्योंकि उस दौरान खाद्यान्न की कमी गंभीर चिंता का विषय थी।

द्वितीय पंचवर्षीय योजना :- (1956-61) औद्योगिक उत्पादों के घरेलू उत्पादन को द्वितीय योजना में प्रोत्साहित किया गया था।

1959 में भिलाई में स्थित इस्पात कारखाने की स्थापना तत्कालीन सोवियत संघ की सहायता से की गई थी।

 

शासन व्यवस्था :- लोकतांत्रिक

आर्थिक विकास :- मिश्रित अर्थव्यवस्था

विदेश नीति :- गुटनिरपेक्ष

शासन :- केंद्र सरकार , राज्य सरकार , स्थानीय सरकार

संस्थाओं का विभाजन :- विधायिका , कार्यपालिक , न्यापालिका

 

15 अगस्त 2021 को हम सब एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाएँगे।

अब तक 16 लोकसभा चुनाव हो चुके हैं ।

भारत राज्यों का एक संघ है। इसमें 28 राज्य और 8 केन्द्र शासित प्रदेश हैं।

संविधान में कुल 22 भाग और 12 अनुसूचियां है | संविधान में संवैधानिक संशोधनों के पश्चात अनुसूचियों की संख्या 8 से बढ़कर 12 हो गई है। 126 बार संशोधन हो चुके है।

 

 

 

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