अध्याय 12 : घर्षण | Friction

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 घर्षण किसे कहते हैं। घर्षण बल तथा कर्षण बल। घर्षण के प्रकार सर्पी घर्षण व स्थैतिक घर्षण ।
आपने ट्रैफिक सिग्नल पर कार अथवा बाइक चालक को अपने वाहन को मंद करते देखा होगा आप भी ब्रेक लगाकर अपनी साइकिल को मंद करते हैं।

❍ घर्षण :-  वस्तुओं की गति की अवस्था में परिवर्तन घर्षण बल के कारण होता है।

○ घर्षण बल सभी गतिशील वस्तुओं पर लगता है।

○ इसकी दिशा सदैव गति की दिशा के विपरीत होती है।

○ घर्षण बल दो सतहों के बीच सम्पर्क के कारण उत्पन्न होता है।

जैसे- साइकिल चलाते समय पेडल चलाना पड़ता हैं।

 

○ घर्षण को प्रभावित करने वाले कारक :-

○ घर्षण : हानिकारक परंतु अनिवार्य

• यदि घर्षण न हो तो आप पेन अथवा पेंसिल से नही लिख सकते है।

• घर्षण के कारण ही दीवार में कील गड़ जाती हैं।

• घर्षण के कारण जूतों के तले घिस जाते हैं।

• घर्षण के कारण माचिस की तीली को रगड़ने पर वह आग पकड़ लेती हैं।

 

○ घर्षण बढ़ाना तथा घटाना

• जूते की तलियों को खाँचेदार बनाकर घर्षण अधिक किया जाता है।

• टायरों की तलियों को खाँचेदार बनाकर घर्षण अधिक किया जाता है।

• घर्षण कम करने के लिए कैरम बोर्ड पाउडर छिड़का जाता है।

• घर्षण कम करने वाले पदार्थों को स्नेहक कहते है।

 

○ पहिए घर्षण कम कर देते हैं।

• अटैचियों में लोटन घर्षण को कम कर देते है।

• रोलर द्वारा भी समान खीचना आसान है।

 

○ स्थैतिक घर्षण :-जब किसी वस्तु पर बाह्य बल कार्य करता है लेकिन फिर भी वस्तु गति नहीं करती है तो बल के विपरीत जो घर्षण बल कार्य करता है उसे स्थैतिक घर्षण बल कहते है।

 

• स्थैतिक घर्षण के नियम :-
एक-दूसरे के सम्पर्क में रखे दो तलों या वस्तुओं के बीच घर्षण बल की दिशा हमेशा उनकी गति की दिशा या गति करने की दिशा के विपरीत होती है।

 

○ सर्पी घर्षण :- वह घर्षण बल जो सम्पर्क में आए दो तलों के परस्पर फिसलने पर उत्पन्न होता है, सर्पी घर्षण कहलाता है।

• सर्पी घर्षण स्थैतिक घर्षण से कम होता है।

• लोटनिक घर्षण सर्पी घर्षण से कम होता है।

उदाहरण – छत के पंख , बाल बेयरिंग घर्षण कम कर देते हैं।

 

 

○ तरल घर्षण :- तरल में गति करने वाली वस्तुओं को उचित आकृति प्रदान करके घर्षण बल को कम किया जा सकता है।

• मछली तथा पक्षी तरल में गति करते हैं।

• हवाई जहाज और पक्षी की आकृति की बनावट समान है

 

○ कर्षण :- तरल के अन्दर गति करने वाले किसी वस्तु पर सापेक्ष गति के विपरीत दिशा में लगने वाले बल को कर्षण कहते हैं।

 घर्षण हमारे बहुत से क्रियाकलापों के लिए महत्वपूर्ण होता है।

 

 

 

अध्याय 13 ध्वनि | Sound

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