अध्याय 13 : ध्वनि | Sound

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ध्वनि क्या है। ध्वनि के गुण। ध्वनि के लक्षण। ध्वनि के प्रकार। मानव कान की श्रव्य तथा अश्रव्य ध्वनि।
अपने विद्यालय में क्लास (पीरियड) समाप्त होने पर बेल बजाता है। और दरवाजे खटखटाने की ध्वनि से पता चल जाता हैं कोई आया है।

❍ ध्वनि क्या है :- ध्वनि एक प्रकार की तरंग है जो वस्तुओं के कम्पन होने से उत्पन्न होती है।

• ध्वनि को एक जगह से दूसरी जगह तक जाने के लिए माध्यम की जरूरत होती है।

ध्वनि ठोस , द्रव्य और गैस के माध्यम से सफर करती है।

 

○ ध्वनि के गुण :- ध्वनि के दो महत्वपूर्ण गुण है।

○ आवृत्ति :- किसी वस्तु का कोई कण एक सेकेंड में जितना कम्पन करता है , उसे आवृति कहते हैं।

आवृति को हर्ट्ज (Hz) में मापा जाता है।

 

○ आयाम :- कम्पन करते कण के अधिकतम विस्थापन को आयाम कहते हैं।

 

☆ ध्वनि के लक्षण :- ध्वनि के निम्नलिखित लक्षण हैं 

○ तीव्रता :- तीव्रता से ध्वनि के मन्द या प्रबल होने का पता चलता है।

• ध्वनि आयाम ज्यादा होती है तो ध्वनि की तीव्रता भी ज्यादा होती हैं।

• धध्वनि की तीव्रता कम होती है तो ध्वनि मन्द होती है।

तीव्रता को डेसिबल(DB) में मापा जाता है।

 

○ तारत्व :- तारत्व से ध्वनि के मोटे / भारी होने का पता चलता है।

• ध्वनि की आवृत्ति बढ़ती है तो ध्वनि पतली हो जाती हैं।
जैसे – महिला की आवाज

• ध्वनि की आवृत्ति घटती है तो ध्वनि भारी हो जाती है।

जैसे- पुरुष की आवाज

 

○ गुणता :- एक समान तीव्रता और एक समान तारत्व की ध्वनियों में आए अंतर को कहते हैं।

• महिलाओं को ध्वनि का तारत्व एक समान होता है लेकिन उनकी ध्वनियों की गुणता अलग-अलग होती हैं।

• पुरुषों की ध्वनि की तीव्रता एक समान होती है लेकिन उनकी ध्वनियों की गुणता अलग-अलग होती है।

 

☆ ध्वनि के प्रकार :- ध्वनि के तीन प्रकार है।

श्रव्य तरंगे :- इन ध्वनि तरंगों को मनुष्य सुन सकता है।

• इन तरंगों की आवृत्ति है: 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज।

○ अवश्रव्य :- इन ध्वनि तरंगों को मनुष्य नही सुन सकता है।

• गाय , हाथी , गैण्डा आदि जानवर इन तरंगों को सुन सकते है।
• इन तरंगों की आवृत्ति 20 हर्ट्ज से कम होती है।

 

○ पराश्रव्य तरंगे :- इन तरंगों को भी मनुष्य सुन नही सकता है।

कुत्ता , बिल्ली , चमगादड़ , डॉल्फिन , चूहे आदि जानवर इन तरंगों को सुन सकते हैं।
• इन तरंगों की आवृत्ति 20,000 हर्ट्ज से अधिक होती है।

 

○ कंपन का आयाम :-

• दोलन गति :- किसी वस्तु का बार-बार इधर-उधर गति करना कंपन कहलाता है।

• आवृत्ति :- प्रति सेकंड होने वाले दोलनों की संख्या को दोलन की आवृत्ति कहते हैं।

आवृति को हर्ट्ज (Hz) में मापा जाता है।

 

 

○ स्वर ध्वनि :- वाद्ययंत्रों की ध्वनियों का आनन्द लेते हैं।

सितार , तबला , हारमोनियम , बाँसुरी आदि।

 

○ ध्वनि प्रदूषण :- वातावरण में अत्यधिक या अवांछित ध्वनियों को ध्वनि प्रदूषण कहते हैं।

जैसे – वाहनों की ध्वनियाँ , पटाखों का फटना , लाउडस्पीकर आदि।

• हानियाँ – अनिद्रा , अति तनाव , चिन्ता आदि।

 

○ उपाय – वायुयानों के इंजनों , यातायात के वाहनों , औद्योगिक मशीनों तथा घरेलू उपकरणों में ‘ रवशामक ‘ युक्तियाँ लगानी चाहिए।
ड़क के किनारे तथा अन्य स्थानों पर पेड़ लगाने से ध्वनि प्रदूषण को कम किया जा सकता है।

 

 

 

 

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