अध्याय 4 : भारत में खाद्य सुरक्षा | Food Security in India

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खाद्य सुरक्षा क्या है।भारत में खाद्य सुरक्षा अधिनियम कब पारित किया गया। खाद्य सुरक्षा के उपाय। भारत में खाद्य सुरक्षा।

बफ़र स्टॉक क्या है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली क्या है।

☆ खाद्य सुरक्षा क्या है?  – खाद्य सुरक्षा, जैसा कि विश्व खाद्य सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र की समिति द्वारा परिभाषित किया गया है, का अर्थ है कि सभी लोगों को, हर समय, पर्याप्त, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन तक भौतिक, सामाजिक और आर्थिक पहुंच प्राप्त होती है, जो उनकी खाद्य प्राथमिकताओं और आहार संबंधी जरूरतों को पूरा करता है।

○ खाद्य सुरक्षा का मतलब है समाज के सभी नागरिकों के लिए जीवन चक्र में पूरे समय पर्याप्त मात्रा में ऐसे विविधतापूर्ण भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित होना, यह भोजन सांस्कृतिक तौर पर सभी को मान्य हो और उन्हें हासिल करने के समुचित माध्यम गरिमामय हों। खाद्य सुरक्षा की इकाई देश भी हो सकता है, राज्य भी और गाँव भी।

 

○ भारत में खाद्य सुरक्षा अधिनियम कब पारित किया गया?

सरकार ने संसद द्वारा पारित, राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम,2013 दिनांक 10 सितम्‍बर,2013 को अधिसूचित किया है,जिसका उद्देश्‍य एक गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए लोगों को वहनीय मूल्‍यों पर अच्‍छी गुणवत्‍ता के खाद्यान्‍न की पर्याप्‍त मात्रा उपलब्‍ध कराते हुए उन्‍हें मानव जीवन-चक्र दृष्‍टिकोण में खाद्य और पौषणिक सुरक्षा

 

○ खाद्य सुरक्षा क्या है :- जीवन के लिए भोजन उतना ही आवश्यक है जितना कि साँस लेने के लिए वायु।

○ खाद्य सुरक्षा के आयाम :-

1. देश में खाद्य उत्पादन , खाद्य आयात और सरकारी अनाज भंडारों में संचित पिछले वर्षों के स्टॉक से है।

2. लोगों के पास अपनी भोजन आवश्यकतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त और पौष्टिक भोजन खरीदने के लिए धन उपलब्ध हो।

3. सभी लोगों के लिए पर्याप्त के लिए खाद्य उपलब्ध हो और गुणवत्ता के खाद्य-पदार्थ खरीदने की क्षमता हो।

 

 

○ खाद्य सुरक्षा क्यों

• देश में भूकम्प , सूखा , बाढ़ , सुनामी के समय उपयोगी होता है।

• मानसून के असफल हो जाने की स्थिति में उपयोगी होता है।

• राष्ट्रीय अकाल या भुखमरी में समय खाद्य सुरक्षा जरूरी है।

• प्राकृतिक आपदा के कारण जौसे सूखे के कारण खाद्यान्न में गिरावट।

 

 

○ भारत में खाद्य सुरक्षा :- हरित क्रांति ने भारत को खाघानों में आत्म निर्भर बना दिया है, क्योंकि हरित क्रांति के बाद गेहूँ तथा चावल के उत्पाद में इतनी अधिक वृद्धि हुई है कि हमें अब दुसरो देशो से गेहूँ आदि खाघानों का आयत नहीं करना पड़ता |

 

○ खाद्यान्नों आत्मनिर्भर – स्वतंत्रता के पश्चात् भारतीय नीति – निर्माताओं ने खाद्यान्नों में आत्म निर्भरता प्राप्त करने के सभी उपाय किए, जिसके परिणति हरित क्रांति में हुए।

 

○ भारत में खाद्य सुरक्षा- सरकार द्वारा सावधानिपूर्वक तैयार की गई खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के कारण देश में अनाज की उपलब्धता और भी सुनिश्चित हो गई है।

 

○ बफर स्टॉक – भारतीय निगम के माध्यम से सरकार द्वारा अधिप्राप्त अनाज, गेहूं, और चावल के भंडार को बफर स्टॉक कहते है।

 

○ बफर स्टॉक क्या है।

• बफ़र स्टॉक भारतीय खाद्य निगम (एफ.सी.आई) के माध्यम से सरकार द्वारा अधिप्राप्त अनाज , गेंहूँ और चावल का भंडार है।

• भारतीय खाद्य निगम अधिशेष उत्पादन वाले राज्यो में किसानों से गेंहूँ और चावल खरीदता है।

• फ़सलो के उत्पादन को प्रोत्साहन देने न्यूनतम समर्थित कीमत का मूल्य तय किया।

• निर्गम कीमत समाज के गरीब वर्गों में बाज़ार कीमत से कम कीमत पर अनाज के वितरण के लिए किया जाता है।

 

 

○ सार्वजनिक वितरण प्रणाली क्या है।

• भारतीय खाद्य निगम द्वारा अधिप्राप्त अनाज को सरकार विनियमित राशन दुकानों के माध्यम से समाज के गरीब वर्गों से वितरित करती हैं।

• पी.डी. एस. :- सार्वजनिक वितरण प्रणाली है।

• देश भर में लगभग 4.6 लाख राशन की दुकानें है।

• 35 किलो अनाज , 5 किलो चीनी , 5 किलो चावल , आदि मिलता है।

 

• आई.सी.डी.एस. :- एकीकृत बाल विकास सेवाएँ 1975 में शुरू की गई।

• एफ.एफ.डब्ल्यू. :- 1977-78 में काम के बदले अनाज शुरू किया।

• पी.ए.पी :- वर्तमान में अनेक गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम चल रहे हैं।

 

हमारी सरकार ने बफर स्टॉक, पीडीएस, अंत्योदय अन्न योजना और अन्नपूर्णा योजना जैसे विभिन्न योजनाएं शुरू करने से गरीबों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए बहुत कुछ किया है। सावर्जनिक वितरण प्रणाली: सावर्जनिक वितरण प्रणाली खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भारत सरकार की सर्वाधिक महत्वपूर्ण कदम है।

 

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के पांच चरण
प्रारंभ में इस योजना के संचालन की घोषणा केवल 3 माह के लिए की गई थी जो कि अप्रैल 2020, मई 2020 तथा जून 2020 था। यह योजना का पहला चरण था। इसके पश्चात जुलाई 2020 से नवंबर 2020 तक इस योजना के दूसरे चरण की घोषणा की गई थी। वर्ष 2021-22 में कोविड-19 महामारी के संकट जारी रहने के कारण अप्रैल 2021 में सरकार द्वारा इस योजना को मई 2021 और जून 2021 की अवधि के लिए विस्तार करने का निर्णय लिया था। यह योजना का तीसरा चरण था। इसके पश्चात सरकार द्वारा इस योजना के चौथे चरण को भी संचालित किया गया जो कि जुलाई 2021 से नवंबर 2021 तक था। इसके पश्चात इस योजना का पांचवा चरण दिसंबर 2021 से मार्च 2022 तक जारी रखने का निर्णय गया है।

 

मई 2022 तक प्रदान किया जाएगा मुफ्त राशन योजना का लाभ
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के द्वारा 20 दिसंबर 2021 को कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया था। जिसमें मुफ्त राशन के वितरण को 6 महीने के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब दिल्ली के नागरिकों को 31 मई 2022 तक मुफ्त राशन प्रदान किया जाएगा।

सरकार द्वारा एक देश एक राशन कार्ड योजना का भी शुभारंभ किया गया था। जिसके माध्यम से संपूर्ण देश में एक राशन कार्ड के माध्यम से राशन की प्राप्ति की जा सकती है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का सन 2021 में विस्तारीकरण

 

 

 

 

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