अध्याय 6 : दहन और ज्वाला | Combustion and Flame

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 दहन क्या है? दहन के प्रकारज्वाला क्या है । ईंधन क्या है ? ईंधन के प्ररूपअम्लीय वर्षा और ग्लोबल वार्मिंग के कारण।

 

 हम घर पर , उद्योगों में और वाहनों को चलाने के लिए विभिन्न प्रकार के ईंधन का उपयोग विविध प्रयोजन के लिए करते हैं।

 

❍ दहन क्या है :- रासायनिक प्रक्रम जिसमें पदार्थ ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर उष्मा देता है , जिसे दहन कहते हैं।

○ जिस पदार्थ का दहन , वह ईंधन कहलाता है। ईंधन ठोस , द्रव या गैस हो सकता है।

• दहन के समय ज्वाला के रूप में अथवा एक लौ के रूप में प्रकाश उत्पन्न होता है।

• मैग्नीशियम जलकर मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है। उष्मा तथा प्रकाश उत्पन्न करता है।

• काष्ठ-कोयला वायु में जलकर कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है। उष्मा और प्रकाश देता है।

• जब किसी व्यक्ति के वस्त्र आग पकड़ लेते है तो आग बुझाने के लिए व्यक्ति को कम्बल से ढक देते है।

 

○ ज्वलन-ताप :- वह न्यूनतम ताप जिस पर कोई पदार्थ जलने लगता है , उसका ज्वलन-ताप कहलाता है।

• आजकल निरापद माचिस के सिरे पर केवल ऐन्टीमनी ट्राइसल्फाइड और पोटैशियम क्लोरेट लगा रहता है। कुछ लाल फॉस्फोरस , श्वेत फॉस्फोरस में परिवर्तित हो जाता है।

 

○ ज्वलनशील पदार्थ :- जो पदार्थ ज्वाला के साथ सरलतापूर्वक आग पकड़ लेते हैं, ज्वलनशील पदार्थ कहलाते हैं।

उदाहरण :- पेट्रोल , ऐल्कोहल , द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) आदि।

 

○ आग पर नियंत्रण :- जलवाष्प , ज्वलनशील पदार्थ को घेर लेता है जिससे वायु की आपूर्ति बंद हो जाती है और आग बुझ जाती है।

• जल सबसे अधिक प्रचलित अग्निशामक है। जल लकड़ी और कागज़ पर लगी आग को ही बुझा सकती है।

• विद्युत उपकरण और पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थों में लगी आग के लिए कार्बन डाइऑक्साइड सबसे अच्छा अग्निशामक है।
 

 

❍ दहन के प्रकार :-

○ तीव्र दहन :- गैस तेजी से जलने लगती है तथा उष्मा और प्रकाश उत्पन्न करती है।

○ स्वतः दहन :- पदार्थ बिना किसी प्रत्यक्ष कारण के अचानक लपटों के साथ जल उठता है।
 

• फॉस्फोरस जैसे पदार्थ कमरे के ताप पर वायु में जल उठते हैं।

• जंगल के स्वतः अग्निकाण्ड कभी अधिक गर्मी के कारण होते हैं।

 

 • विस्फोट :- जब पटाखे को जलाते हैं तो एक आकस्मिक होने से उष्मा , प्रकाश और ध्वनि पैदा होती है।

 

❍ ज्वाला :- दहन के समय जो पदार्थ वाष्पित होते हैं वे ज्वाला कहलाते हैं।

उदाहरण :- पिघली हुई मोमबत्ती के साथ-साथ ऊपर उठते हैं और दहन के समय वाष्पित होकर ज्वाला का निर्माण करते हैं।

• सोने और चाँदी को पिघलाने के लिए सुनार घातु फुकनी से ज्वाला के सबसे बाहरी भाग को उस पर फूँकते हैं।
 

 

 

❍ ईंधन क्या है :- घरेलू और औद्योगिक उपयोगों से संबंधित उष्मा के प्रमुख स्रोत लकड़ी , काष्ठ-कोयला , पेट्रोल , मिट्टी का तेल ।

 • जो ईंधन सहज उपलब्ध हो जाता है। यह सस्ता होता है और वायु में सामान्य दर से सुगमतापूर्वक जलता है।

 

○ ईंधन दक्षता :- किसी ईंधन के 1 किलोग्राम के पूर्ण दहन से प्राप्त उष्मा ऊर्जा की मात्रा, उसका उष्मीय मान कहलाती हैं।

○ ईंधन के उष्मीय मान को किलोजूल प्रति किलोग्राम (kj/kg) मात्रक द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

 

 

 ○ अम्लीय वर्षा :- पेट्रोल इंजन नाइट्रोजन के गैसीय ऑक्साइड वर्षा जल में घुल जाते तथा अम्ल बनाते हैं , जिससें अम्लीय वर्षा होती है।
 ग्लोबल वार्मिंग :- वायु में कार्बन डाइऑक्साइड गैस की अधिक सम्भवतः विश्व ऊष्णन (ग्लोबल वार्मिंग) का कारण बनती हैं।

 ○ ईंधन के अपूर्ण दहन से विषैली कार्बन मोनोक्साइड गैस बनती हैं।
 

○ लकड़ी को जलाने से धुँआ उत्पन्न होता है जो मनुष्य के श्वसन के लिए हानिकारक है।
आप सभी को LPG गैस ईंधन का उपयोग करना चाहिए।

 

 

 

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