अध्याय 4 : वस्तुओं के समूह बनाना

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 हमारे चारों ओर की वस्तुएँ अनेक प्रकार के पदार्थों से बनी है।इन सभी वस्तुओं की आकृतियाँ रंग ( वर्ण ) तथा गुण भिन्न-भिन्न होते है।

हमारे चारों ओर की वस्तुएँ एक या एक से अधिक पदार्थों से बनी होती हैं।
जैसे :- काँच , धातुएँ , प्लास्टिक , कागज , मृदा आदि।
❍वस्तु :- एक ही पदार्थ से बनी होती है। या एक ही वस्तु कई पदार्थों से भी बनी हो सकती हैं।

 

पदार्थ  :- प्रत्येक वस्तु जिसका कोई निश्चित भार (द्रव्यमान) होता तथा वह स्थान घेरती है, पदार्थ कहलाता है पृथ्वी में पदार्थ तीन अवस्थाओं में मुख्यतः पाए जाते हैं ठोस, द्रव, एवं गैस ।

❍ ठोस :- पदार्थ की वह अवस्था जिसमें आकार एवं आयतन दोनों निश्चित हो, ठोस कहलाता है।

❍  जैसे- लकड़ी, लोहा, बर्फ का टुकड़ा

❍ द्रव :- पदार्थ की वह अवस्था जिसका आकार अनिश्चित एवं आयतन निश्चित हो द्रव कहलाता है।

❍  जैसे – पानी, तेल, अल्कोहल

❍ गैस :- पदार्थ की वह अवस्था जिसमें आकार एवं आयतन दोनों अनिश्चित होता हो गैस कहलाता है।

जैसे- हवा, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड।

 

हम अपने दैनिक जीवन में कई वस्तुओं का उपयोग करते हैं तथा कई वस्तुओं का उपभोग करते हैं, पर उनमें हर वस्तु अलग-अलग प्रकार की होती है।

❍ पदार्थों के गुण :- किसी पदार्थ को बनाने के लिए किसी पदार्थ का चयन उस पदार्थ के गुणों तथा उपयोग की जाने वाली वस्तु के प्रयोजन पर निर्भर है।

❍ दिखावट :- पदार्थ प्रायः एक-दूसरे से भिन्न दिखाई देते हैं।

जैसे :- लकड़ी लोहे से बिल्कुल भिन्न दिखाई देती है।

कुछ पदार्थ चमकदार , खुरदरे , चिकने , कठोर तथा कोमल लगते हैं।

❍ कोमल पदार्थ :- वे पदार्थ जिन्हें आसानी से संपीड़ित किया अथवा खरोंचा जा सकता हैं।

❍ कठोर पदार्थ :- वे पदार्थ जिन्हें संपीड़ित करना कठिन होता है।

❍ धातु :- पदार्थ जिनमें इस प्रकार की द्युति होती है, वे प्रायः धातु होते है।

उदाहरण :- लोहा , ताँबा , एलुमिनियम तथा सोना आदि।

 

❍ विलेय :- कुछ पदार्थ जल में घुल जाते है।

जैसे :- पानी और नमक ।

❍ अविलेय :- कुछ पदार्थ जल के साथ मिश्रित नही होते है।

जैसे :- पानी और धूल।

 

❍ पारदर्शिता :- पदार्थों का वह गुण है जिसमे वह प्रकाश को स्वंय से पार जाने की अनुमति देते हैं।

❍ पारदर्शी :- ऐसा पदार्थ जिसके आर पार देखा जा सकता है पारदर्शी पदार्थ कहते हैं। पारदर्शी पदार्थों में प्रकाश आर-पार जा सकता है।

जैसे- कांच, जल, वायु

❍ अपारदर्शी :- वैसे पदार्थ जिनमें से होकर आप वस्तुओं के आर-पार नहीं देख सकते उन्हें अपारदर्शी पदार्थ कहते हैं

जैसे- पेपर, धातुएं, लकड़ी

पारभासी :-वैसे पदार्थ जिससे आप आपकी वस्तु को आर पार देख तो सकते हैं परंतु स्पष्ट रूप से नहीं इन पदार्थों को पारभासी पदार्थ कहते हैं

❍जैसे- बटर पेपर, मोटी काँच

 

❍ आर्किमीडीज का सिद्धांत ( Principle of Archimedes ) :- जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूरी अथवा आंशिक रूप से डुबोई जाती है तो उसके भार में कमी का आभास होता है । भार में यह आभासी कमी वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होती हैं इसे ‘ आर्किमीडीज का सिद्धान्त ’ कहते हैं । इसके अनुप्रयोग निम्न प्रकार हैं –

❍ लोहे की बनी छोटी –  गेंद पानी में डूब जाती है तथा बड़ा जहाज तैरता रहता है क्योंकि जहाज द्वारा विस्थापित किए गए जल का भार उसके भार के बराबर होता है ।

 

 

 

अध्याय 5 : पदार्थों का पृथक्करण

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