अध्याय 6 : भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन | Physical and Chemical changes

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❍ दैनिक जीवन में हमें अपने आस-पास बहुत से परिवर्तन दिखाई देते हैं। इन परिवर्तन में एक या अधिक पदार्थ सम्मिलित हो सकते हैं।

○ व्यापक रूप से ,परिवर्तन दो प्रकार के होते हैं।

○ भौतिक परिवर्तन :- वह परिवर्तन , जिसमें किसी पदार्थ के भौतिक गुणों में परिवर्तन हो जाता है , भौतिक परिवर्तन कहलाता है।

पदार्थ के आकार , आमाप (साइज़) , रंग और अवस्था जैसे गुण भौतिक गुण कहलाते हैं।

 

 

○ रासायनिक परिवर्तन :- वह परिवर्तन , जिसमें एक अथवा एक-से अधिक नए पदार्थ बनते हैं , रासायनिक परिवर्तन कहलाता है।

सभी नए पदार्थ रासायनिक परिवर्तनों के परिणामस्वरूप ही बनते हैं।

• उदाहरण :- भोजन का पाचन , फलों का पकना , अंगूरों का किण्वन आदि।

○जब लोहा पानी तथा ऑक्सीजन के संपर्क में आता है तो जंग लग जाता है। हवा या ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में लोहे में जंग नहीं लगता।

○ लोहे के चाकू, हथोड़े, पेंचकस या किसी अन्य औज़ार को किसी नमी वाले स्थान में कुछ दिन रख दिया जाये तो इन चीज़ों पर कत्थई (Brown) रंग कि एक परत सी जम जाती है। इसी को जंग कहते हैं। जंग वास्तव में लोहे का ऑक्साइड है। इसका रासायनिक सूत्र Fe2O3.

 पेंट करने से लोहे के पदार्थ का ऊपरी भाग छुप जाता है। वह वायु के साथ सीधे संपर्क में नहीं आता जिसके कारण उसमें जंग नहीं लगता। इसलिए पेंट करने से हम लोहे के उस पदार्थ को जंग लगने से बचा सकते हैं

○ रासायनिक परिवर्तन :- निम्न घटनाएं भी हो सकती हैं।

• रंग में परिवर्तन ।
• किसी गैस का बनना।
• ध्वनि का उत्पन्न होना।
• किसी नए गंध का बनना।
• उष्मा , प्रकाश अथवा किसी अन्य प्रकार के विकिरण।

 

○ क्रिस्टलीकरण :- किसी पदार्थ के शुद्ध क्रिस्टल उनके विलयन से प्राप्त किए जा सकते हैं। यह प्रक्रिया क्रिस्टलीकरण कहलाती हैं।

यह भौतिक परिवर्तन का एक उदाहरण है।

 

 

 

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