राष्ट्रीय उद्यान | MP GK

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☆ राष्ट्रीय उद्यान

• राष्ट्रीय उद्यान ऐसे आरक्षित क्षेत्र होते हैं, जहाँ वन्यजीवों एवं वनों को पूर्णरूप से संरक्षित किया जाता है।

• राष्ट्रीय उद्यान में किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधियों एवं पशुचारण पर पूर्णतः प्रतिबन्ध होता है तथा इसमें एक या एक से अधिक पारिस्थितिक तन्त्र शामिल होते हैं। मध्य प्रदेश में वन्यजीवों को संरक्षण प्रदान करने की दृष्टि से मध्य प्रदेश राष्ट्रीय उद्यान अधिनियम के अन्तर्गत अनेक राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किए गए हैं।
राज्य के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान निम्नलिखित हैं

◇ कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान

• कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान मण्डला जिले में 940 वर्ग किमी क्षेत्रफल पर फैला हुआ है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है।
• वर्ष 1933 में कान्हा क्षेत्र को विलुप्त होते बारहसिंगा को बचाने के लिए अभयारण्य बनाया गया था।
• वर्ष 1955 में इसे मध्य प्रदेश का पहला राष्ट्रीय उद्यान बनाया गया। इसे प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत वर्ष 1974 में शामिल किया गया।
• यहाँ बाघ, तेन्दुआ, चीतल, साम्भर, कृष्ण मृग, बारहसिंगा प्रमुख वन्य प्राणी पाए जाते हैं।
• यह बालाघाट जिले में सर्वाधिक फैला है।

◇ माधव राष्ट्रीय उद्यान

• माधव राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1958 में शिवपुरी जिले में की गई थी। इसका विस्तार 375.23 वर्ग किमी क्षेत्रफल पर है।
• इस उद्यान में बाघ, तेन्दुआ, चीतल, बारहसिंगा, साम्भर, लकड़बग्घा, चौसिंगा इत्यादि जानवर पाए जाते हैं। इस उद्यान में जॉर्ज कैसल नामक प्रसिद्ध भवन भी है।

 

◇ बाँधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान

• बाँधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना उमरिया जिले में वर्ष 1968 में की गई। इस उद्यान का विस्तार लगभग 593 वर्ग किमी क्षेत्र पर है। यह शहडोल की 32 पहाड़ियों से घिरा हुआ है।
• बाघों की दृष्टि से देश में सर्वाधिक घनत्व वाला राष्ट्रीय उद्यान बाँधवगढ़ है। इस उद्यान में सफेद शेर भी पाए जाते हैं।
• इस राष्ट्रीय उद्यान में मुख्य रूप से बाघ, तेन्दुआ, गौर, बारहसिंगा, नीलगाय, चिंकारा और चीता भी पाए जाते हैं। इसे व्हाइट टाइगर रिजर्व क्षेत्र भी कहा जाता है।

 

◇ फासिल (जीवाश्म) राष्ट्रीय उद्यान

• यह राष्ट्रीय उद्यान डिण्डोरी जिले में स्थित है। इसकी स्थापना वर्ष 1968 में की गई थी। इसे वर्ष 1983 में राष्ट्रीय उद्यानों में शामिल किया गया।
• यह राज्य का पहला जीवाश्म उद्यान है। इसमें वनस्पति जीवाश्मों को रखा गया है। यह भारत के चार जीवाश्म उद्यानों में से एक है। यह मध्य प्रदेश का सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान (क्षेत्रफल 0.27 वर्ग किमी) है।

 

◇ वन विहार राष्ट्रीय उद्यान

• यह राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान के बाद सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान है। इसका क्षेत्रफल 4.45 वर्ग किमी है।
• यह उद्यान भोपाल में अवस्थित है। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1979 में भोपाल में की गई। इसमें राज्य में पाए जाने वाले सभी जीव पाए जाते हैं।

 

◇ पेंच राष्ट्रीय उद्यान

• यह मध्य प्रदेश के सिवनी-छिन्दवाड़ा जिलों में विस्तृत है। इस राष्ट्रीय उद्यान को 1977 में अभयारण्य तथा 1983 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया। यह 293 वर्ग किमी क्षेत्रफल पर फैला हुआ है।
• पेंच राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 1992-93 में प्रोजेक्ट टाइगर योजना में शामिल किया गया।
• इस उद्यान को इन्दिरा गाँधी प्रियदर्शनी उद्यान के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ बाघ, तेन्दुआ, चीतल, साम्भर, गौर, हिरण आदि वन्य प्राणी पाए जाते हैं।

 

◇ पन्ना राष्ट्रीय उद्यान

• पन्ना राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1981 में छतरपुर एवं पन्ना जिलों में की गई। यह 543 वर्ग किमी क्षेत्रफल पर फैला हुआ है।
• इस उद्यान को वर्ष 1994 में प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल किया गया। इस उद्यान में प्रदेश के एकमात्र रेप्टाइल पार्क (रेंगने वाले जीव) की स्थापना की गई है।
• यहाँ बाघ, तेन्दुआ, साम्भर, चिंकारा, भालू आदि प्रमुख वन्य प्राणी पाए जाते हैं।

 

◇ सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान

• इस उद्यान की स्थापना वर्ष 1983 में होशंगाबाद जिले में 524 वर्ग किमी क्षेत्रफल पर हुई। इस उद्यान को वर्ष 1999-2000 में प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल किया गया है।
• यहाँ बाघ, तेन्दुआ, चीतल, गौर, भालू, मुजक, हिरण आदि वन्य प्राणी पाए जाते हैं।

 

◇ संजय राष्ट्रीय उद्यान

• यह राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के सीधी, शहडोल तथा छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 466 वर्ग किमी (मध्य प्रदेश में 198 वर्ग किमी) क्षेत्र पर फैला हुआ है।
• इस उद्यान को वर्ष 2008 में प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल किया गया। इसे वर्ष 1981 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था।
• यहाँ बाघ, नीलगाय, चिंकारा, तेन्दुएँ आदि प्रमुख वन्य प्राणी पाए जाते हैं।

 

◇ डायनासोर राष्ट्रीय उद्यान

• डायनासोर के जीवाश्मों को संरक्षित करने के उद्देश्य से इस उद्यान की स्थापना धार जिले में 108 वर्ग किमी में की जा रही है।
• यह उद्यान (2013 में अधिसूचित) ही विश्व में ऐसा एकमात्र क्षेत्र हैं, जो डायनासोर के जीवाश्म के लिए सबसे समृद्ध है। यहाँ पर डायनासोर की सभी प्रजातियों के अवशेष मिलते हैं।

《प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य

राष्ट्रीय उद्यान /‌    जिला ‌                 स्थापना
अभयारण्य                                       वर्ष

• कान्हा-किसली – मण्डलाक             -1955
• बाँधवगढ़       ‌  – उमरिया                -1968
• पन्ना                – पन्ना, छतरपुर        -1981
• पेंच                 – सिवनी, छिन्दवाड़ा -1983
• सतपुड़ा           – होशंगाबाद            -1983
• संजय        ‌      – सीधी                   -1981
• रातापानी         – रायसेन                 – 2012
(अभयारण्य)    
• पन्ना-2             – पन्ना                 – प्रस्तावित
• ओंकारेश्वर        – खण्डवा            – प्रस्तावित

《राज्य के बायो रिज़र्व क्षेत्र》

बायो रिज़र्व          जिला             स्थापना
क्षेत्र

• पंचमढ़ी          – बैतूल,            -1999
  बायोस्फियर       होशंगाबाद,
  रिज़र्व क्षेत्र         छिन्दवाड़ा
• अमरकण्टक   – डिण्डोरी,        – 2005
  अयानअर          अनूपपुर
  जैवमण्डलीय   
  आरक्षित क्षेत्र
• पन्ना              – पन्ना, छतरपुर  – 2011

《प्रमुख पर्यावरण संरक्षण संस्थान》

संगठन                 स्थापना    उद्देश्य

मध्य प्रदेश प्रदूषण -1974 – भोपाल में प्रदूषण
नियन्त्रण बोर्ड                     को नियन्त्रण
              ‌‌                          करना।

पर्यावरण नियोजन -1981 – पर्यावरण सम्बन्धी
एवं समन्वय                        शोध, शिक्षण,
संगठन (एप्को),                  प्रशिक्षण करना
भोपाल                              प्रदूषण रोकना।

आपदा प्रबन्धन     -1987 – प्राकृतिक व मानव
संस्थान, भोपाल                  जनित आपदा के
                                        प्रभावों को कम
                                        करना।

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