राज्य में पाए जाने वाले मुख्य पक्षी | MP GK

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राज्य में पाए जाने वाले मुख्य पक्षी

राज्य में तीन प्रकार के मुख्य पक्षी पाए जाते हैं

1. वक्षीय पक्षी लायबर तोता, टयूंगा, बसथ, कक्कू, चातक, महोख तथा कोयल (सम्पूर्ण मध्य प्रदेश में) वक्षीय पक्षी हैं। चातक मानसून के समय मध्य प्रदेश में पहुँचता है, जो अफ्रीका महाद्वीप से आता है।

2. थलीय पक्षी खंजन, चराचरी, तीतर व बटेर प्रमुख थलीय पक्षी हैं, जो सभी ऋतुओं (गर्मी को छोड़कर) में पाए जाते हैं।

3. जलीय पक्षीय बत्तख, टिटहरी, हंस, रैल्स, थेकारी, चैती, फुलचुकी (सबसे छोटा) राज्य के प्रमुख जलीय पक्षी हैं। टिटहरी राज्य में बड़ी संख्या में पाया जाता है।

 

☆ प्रमुख वानिकी पुरस्कार

राज्य कें प्रमुख वानिकी पुरस्कारों का वर्णन निम्न है

• अमृता देवी स्मृति पुरस्कार यह पुरस्कार वन तथा वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान हेतु (वीरांगना अमृता देवी की याद में) दिया जाता है। इसकी शुरूआत वर्ष 1994 में हुई।

• महावृक्ष पुरस्कार प्राचीन एवं विशिष्ट प्रणालियों के वृक्षों को पहचानकर सुरक्षित एवं संरक्षित करने के उद्देश्य से यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इसकी शुरूआत वर्ष 1995 में हुई थी।

• वन प्रहरी पुरस्कार वनों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु यह पुरस्कार दिया जाता है। यह पुरस्कार जिला तथा राज्य दोनों स्तरों पर दिया जाता है।

• वृक्ष मित्र पुरस्कार पूर्व प्रधानमन्त्री श्री इन्दिरा गाँधी की स्मृति में उनकी जन्म तिथि (19 नवम्बर) पर इन्दिरा प्रियदर्शनी वृक्ष मित्र पुरस्कार दिया जाता है।

 

《भारत का पहला गाय अभ्यारण्य मध्यप्रदेश में स्थापित》

भारत का पहला गाय अभ्यारण्य मध्य प्रदेश के आगर-मालवा में स्थापित हुआ है। इसे राज्य सरकार द्वारा स्थापित किया गया। यह अभ्यारण्य कामधेनु गाय अभ्यारण्य के नाम से भी जाना जाता है।

इस अभ्यारण्य का विकास मध्य प्रदेश गाय सम्वर्द्धन बोर्ड के द्वारा किया गया, जो मुख्यालय से 50 किमी दूर सालारिया गाँव में अवस्थित है।

मध्य प्रदेश‌ सरकार ने गाय के लिए मंत्रालय स्थापित करने की घोषण की जिसमें यह कहा गया कि गाय मंत्रालय मध्य प्रदेश गौपालन पशुधन संवर्ध्दन बोर्ड का स्थान लेगा।

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